राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई सोलर नीति को केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। अब इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी गई है।पहले चरण के तहत ढाई लाख परिवारों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम लगभग छह महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
पहले चरण में 2.50 लाख बीपीएल परिवारों को लाभ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना के पहले चरण में राज्य के करीब 2.50 लाख बीपीएल परिवारों की छतों पर 1.5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि इन सोलर पैनलों की पूरी लागत सरकार वहन करेगी, यानी लाभार्थी परिवारों को इसके लिए कोई खर्च नहीं करना होगा। यह सोलर पैनल पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत लगाए जाएंगे, जिससे केंद्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग इस योजना को मिलेगा।
सब्सिडी के बाद बची राशि भी देगी राज्य सरकार
पीएम सूर्यघर योजना के तहत एक से दो किलोवाट क्षमता के सोलर कनेक्शन पर केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि इस सब्सिडी के बाद 1.5 किलोवाट सोलर कनेक्शन की जो भी शेष राशि बचेगी, उसका भुगतान राज्य सरकार खुद करेगी। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने के लिए वेंडर चयन की निविदा प्रक्रिया में आने वाला पूरा खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, ताकि लाभार्थियों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े।
पांच साल में 58 लाख परिवारों तक पहुंचेगी योजना
बिजली कंपनियों की दीर्घकालिक योजना के अनुसार अगले पांच वर्षों में राज्य के करीब 58 लाख बीपीएल परिवारों को सोलर पैनल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल राज्य में 10 लाख से अधिक बीपीएल परिवार ऐसे हैं, जिनके पास अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत पक्के घर उपलब्ध हैं, और भविष्य में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।
जिनके पास छत नहीं, उनके लिए भी समाधान
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन बीपीएल परिवारों के पास खुद की छत उपलब्ध नहीं है, उन्हें इस योजना से वंचित नहीं रखा जाएगा। ऐसे परिवारों के लिए पास की सरकारी जमीन पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था की जा रही है।
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