योगी सरकार का फैसला: यूपी के स्कूलों में यह नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब प्रदेश के सभी विहान आवासीय विद्यालयों में अख़बार पठन को अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों की भाषा क्षमता, तार्किक सोच और सामान्य ज्ञान को मजबूत करना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ देश-दुनिया की गतिविधियों से भी जुड़े रहें।

विहान विद्यालयों में नई व्यवस्था

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की सचिव पूजा यादव द्वारा इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इससे पहले श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने अटल आवासीय विद्यालयों में अख़बार पठन अनिवार्य किया था। अब उसी मॉडल को अपनाते हुए श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित विहान आवासीय विद्यालयों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

12 जिलों के 24 विद्यालय होंगे शामिल

प्रदेश के 12 जिलों भदोही, बहराइच, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर, इटावा, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, ललितपुर और फिरोजाबाद में कुल 24 विहान आवासीय विद्यालय संचालित हैं। ये सभी यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं और इनमें कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों में मुख्य रूप से श्रमिक वर्ग के बच्चों का नामांकन होता है और प्रत्येक विद्यालय की क्षमता लगभग 100 छात्रों की है।

लाइब्रेरी से लेकर कक्षा तक अख़बार की पहुंच

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विहान विद्यालय की लाइब्रेरी में प्रतिष्ठित हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्र नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्रों को केवल सामान्य खबरें ही नहीं, बल्कि विज्ञान, अर्थव्यवस्था, विकास कार्यों और खेल से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

सभी स्कूलों में रोज़ाना 10 मिनट अख़बार पठन

विद्यालयों में प्रार्थना सभा के बाद और कक्षा शुरू होने से पहले रोज़ाना 10 मिनट अख़बार पढ़ने का समय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रतिदिन पांच नए और कठिन शब्द उनके अर्थ सहित ब्लैक बोर्ड पर लिखे जाएंगे, ताकि छात्रों की शब्दावली लगातार समृद्ध हो सके। स्कूल के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर “आज का सुविचार” लगाना भी अनिवार्य किया गया है।

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