फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
FNPO ने 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 करने की मांग की है। इसके साथ ही सालाना वेतन वृद्धि को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यदि ये मांगें स्वीकार की जाती हैं, तो खासकर निचले और मध्य स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
हर लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव
FNPO का कहना है कि सभी कर्मचारियों के लिए एक ही फिटमेंट फैक्टर न्यायसंगत नहीं है। इसी वजह से संगठन ने मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है।
लेवल 1 से 5 (ग्रुप C और D): लगभग 3.00
लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10
लेवल 13 से 15: 3.05 से 3.15
लेवल 16 और उससे ऊपर: 3.20 से 3.25
इस व्यवस्था से हर स्तर के कर्मचारी को उसकी जिम्मेदारी और जरूरतों के अनुसार लाभ मिलेगा।
सीनियर अफसरों की सैलरी में भी उछाल
अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो न सिर्फ जूनियर स्टाफ बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी लगभग 54,000 रुपये हो जायेगा। जबकि लेवल-5 की बेसिक सैलरी करीब 87,600 रुपये, वहीं, लेवल-10 (ग्रुप A एंट्री) लगभग 1.7 लाख रुपये, कैबिनेट सेक्रेटरी जैसे शीर्ष अधिकारी की बेसिक सैलरी 8 लाख रुपये से अधिक।
नए वेतन आयोग पर कब होगा फैसला?
FNPO के जनरल सेक्रेटरी शिवाजी वासिरेड्डी के अनुसार, ये सभी प्रस्ताव 8वें वेतन आयोग के ड्राफ्ट का हिस्सा होंगे। 25 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) की बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद अंतिम सिफारिशें आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी जाएंगी।
क्यों जरूरी है नया वेतन ढांचा?
FNPO का तर्क है कि पिछले वेतन आयोगों में भी सभी स्तरों पर समान फिटमेंट फैक्टर नहीं अपनाया गया था। इस बार प्रस्तावित ढांचा एक्रोयड फॉर्मूला पर आधारित है, जिसमें चार सदस्यीय परिवार की बुनियादी जरूरतें भोजन, आवास, कपड़े, शिक्षा और अन्य खर्च को ध्यान में रखा गया है।

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