भारत-EU ट्रेड डील से चिढ़ा अमेरिका, ट्रंप के लिए बड़ा झटका!

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने वैश्विक राजनीति और व्यापार समीकरणों को नई दिशा दे दी है। जहां भारत और यूरोप इस समझौते को आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय बता रहे हैं, वहीं अमेरिका इस डील से चिढ़ा हुआ दिखाई दे रहा हैं।

अमेरिका का आरोप: अप्रत्यक्ष रूप से रूस को फायदा

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यूरोप भारत से जिन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का आयात कर रहा है, उनमें उस रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल हो रहा है जिस पर पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। 

बेसेंट के अनुसार, इससे रूसी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों का असर कमजोर पड़ रहा है और मॉस्को को अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसे यूरोप की नीतियों में विरोधाभास करार देते हुए कहा कि एक ओर यूरोपीय नेता सार्वजनिक मंचों पर यूक्रेन के समर्थन की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक गतिविधियां रूस पर आर्थिक दबाव को कम कर रही हैं।

“खुद के खिलाफ जंग को फंड कर रहा है यूरोप”

अमेरिकी अधिकारी ने यह तक कह दिया कि यूरोप इस तरह की ट्रेड डील्स के जरिए उस युद्ध को ही फंड कर रहा है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान वही झेल रहा है। अमेरिका का मानना है कि आर्थिक दबाव रूस को कमजोर करने का अहम हथियार था, लेकिन मौजूदा ट्रेड फ्लो उस रणनीति को कमजोर कर रहे हैं।

भारत–EU डील: ऐतिहासिक और व्यापक

इन आरोपों के बीच भारत और यूरोपीय संघ ने इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को ऐतिहासिक करार दिया है। करीब दो दशक तक चली बातचीत के बाद यह समझौता अस्तित्व में आया है, जो भारत का 19वां ट्रेड एग्रीमेंट है। इस डील से 27 देशों वाले यूरोपीय बाजार में भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही घरेलू उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा का नया दौर शुरू होगा।

ट्रंप के लिए क्यों माना जा रहा है झटका?

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ऊंचे टैरिफ, कमजोर सप्लाई चेन और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रहा है। भारत और यूरोपीय संघ दोनों पर अमेरिका द्वारा अधिक शुल्क लगाने की संभावना पहले से बनी हुई है। ऐसे में भारत–EU की मजबूत होती साझेदारी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ ट्रेड पॉलिसी के लिए एक रणनीतिक झटका माना जा रहा है।

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