सिल्वर जुबली रीयूनियन में हुआ बड़ा ऐलान
इस बड़े फैसले की घोषणा आईआईटी दिल्ली परिसर में आयोजित सिल्वर जुबली रीयूनियन के दौरान की गई। 25 साल बाद आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों में कार्यरत 2000 बैच के पूर्व छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। रीयूनियन के दौरान एलुमनी ने अपने पुराने हॉस्टल, क्लासरूम और कैंपस के अन्य हिस्सों को देखा, फैकल्टी सदस्यों से मुलाकात की और मौजूदा छात्रों के साथ अनुभव साझा किए। इसी भावनात्मक माहौल में बैच ने संस्थान के लिए यह ऐतिहासिक योगदान देने का निर्णय लिया।
शिक्षा और रिसर्च को मिलेगी मजबूती
पूर्व छात्रों द्वारा दी जाने वाली यह राशि मुख्य रूप से आईआईटी दिल्ली के जनरल एंडोमेंट फंड में जमा की जाएगी। इस फंड के जरिए संस्थान को दीर्घकालिक आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे शैक्षणिक कार्यक्रमों को और बेहतर बनाने, अत्याधुनिक रिसर्च को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति देने और फैकल्टी की गुणवत्ता को मजबूत करने जैसे कई अहम कार्यों में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योगदान आने वाले वर्षों में आईआईटी दिल्ली की वैश्विक पहचान को और सशक्त करेगा।
जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना
बैच की ओर से फंडरेजिंग का नेतृत्व कर रहे पूर्व छात्र रोहित दुबे ने कहा कि आईआईटी दिल्ली ने उन्हें सिर्फ तकनीकी शिक्षा नहीं दी, बल्कि सोचने, सीखने और बदलती दुनिया के साथ खुद को ढालने की क्षमता भी दी। उन्होंने कहा कि अब समय है कि पूर्व छात्र इस विरासत को आगे बढ़ाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करें। उनके अनुसार यह पहल केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पूरे बैच की साझा जिम्मेदारी और संस्थान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।

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