स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगी बड़ी सहूलियत
नए नियमों के तहत नगर निगम या स्ट्रीट वेंडर अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत ठेले, खोमचे और फेरीवाले अब स्वतः खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्राधिकरण में पंजीकृत माने जाएंगे। इसका मतलब यह है कि उन्हें अलग से रजिस्ट्रेशन कराने या लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस फैसले से हजारों छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
1 अप्रैल से पूरी तरह लागू होगी व्यवस्था
सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 1 अप्रैल से यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी। हालांकि सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था में छोटे दुकानदार, फूड ट्रक संचालक, अस्थायी स्टॉल लगाने वाले व्यापारी और कुटीर उद्योग से जुड़े खाद्य कारोबारी भी शामिल होंगे। यदि सभी जरूरी दस्तावेज पूरे होंगे तो पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज हो जाएगी।
नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कारोबारी निर्धारित वार्षिक शुल्क जमा नहीं करता या खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी रिटर्न नहीं भरता, तो उसका लाइसेंस स्वतः निलंबित माना जा सकता है। इसके अलावा खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच अब जोखिम आधारित प्रणाली के तहत की जाएगी और जरूरत पड़ने पर थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जा सकता है।
व्यापारियों को जटिल प्रक्रिया से मिलेगी राहत
व्यापारी संगठनों के अनुसार पहले लाइसेंस की अवधि खत्म होने पर समय से नवीनीकरण न कराने पर लाइसेंस निरस्त हो जाता था, जिससे व्यापारियों को दोबारा लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब इस व्यवस्था को सरल बना दिया गया है ताकि छोटे कारोबारी बिना अनावश्यक परेशानी के अपना व्यवसाय चला सकें।
पुराने लाइसेंस वालों को क्या करना होगा
जिन व्यापारियों के लाइसेंस या पंजीकरण की वैधता 31 मार्च तक है, उन्हें अभी नियमानुसार नवीनीकरण कराना होगा। इसके बाद 1 अप्रैल से नए नियमों के तहत व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रदेश में छोटे स्तर के कारोबार को भी नई गति मिलेगी।

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