1. उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को सीधी आर्थिक मदद
योजना के तहत मखाना किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिसके लिए प्रति किसान लगभग 71,600 रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इससे खेती की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा।
2. प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर भारी सब्सिडी
मखाना को मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने के लिए सरकार प्रोसेसिंग यूनिट्स पर भी बड़ी सहायता दे रही है।
सूक्ष्म इकाई: 5 लाख रुपये तक सहायता
लघु इकाई: 19.5 लाख रुपये तक सहायता
मध्यम इकाई: 1.5 करोड़ रुपये तक सहायता
बड़ी इकाई: 3.5 करोड़ रुपये तक सहायता
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
3. मार्केटिंग और बिक्री को मजबूत करने की पहल
मखाना किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। बिक्री केंद्र स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए 25 लाख रुपये तक सहायता। ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों के लिए भी 25 लाख रुपये तक की मदद और निर्यात प्रमाणीकरण के लिए 2.5 लाख रुपये तक सब्सिडी।
4. खेत से लेकर उद्योग तक सपोर्ट सिस्टम
सरकार ने खेत स्तर पर भी सहायता देने की व्यवस्था की है। उत्पाद प्रबंधन इकाई स्थापित करने के लिए किसानों को 2 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। इससे किसानों को फसल की बेहतर देखभाल और प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

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