ध्वनिमत से मिला भरोसा
विधानसभा में संख्याबल पहले से ही सरकार के पक्ष में था, इसलिए मतदान की नौबत नहीं आई। ध्वनिमत के आधार पर ही सरकार ने बहुमत साबित कर दिया। एनडीए के पास कुल 201 विधायक हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 122 के आंकड़े से कहीं अधिक है।
विपक्ष का भी मिला समर्थन
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी तंज भरे अंदाज में ही सही, सरकार को समर्थन दिया। इससे सदन का माहौल राजनीतिक कटाक्षों के बीच भी अपेक्षाकृत सहज रहा।
शपथ के नौ दिन बाद विश्वासमत
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उसके कुछ ही दिनों बाद सदन में बहुमत साबित कर दिया। स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार सहित अन्य सदस्यों ने उन्हें बधाई दी।
विपक्ष पर तीखा हमला
बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का जिक्र करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा पर बात की। साथ ही, तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि जो अपने घर में सम्मान नहीं दे सकता, वह समाज में क्या करेगा।
नीतीश कुमार का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व और विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं के मार्गदर्शन में राज्य को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम करेगी।
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