बिहार में इन "कर्मचारियों" पर गिरेगी गाज, वेतन में होगी कटौती

पटना। बिहार में प्रशासनिक कामकाज को लेकर सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पिछले कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे अंचल एवं राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वेतन से होगी कटौती, 624 अधिकारियों की सूची तैयार

सरकारी आदेश के अनुसार, हड़ताल में शामिल अधिकारियों के वेतन से एक हजार रुपये की कटौती की जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारियों को कुल 624 अधिकारियों की सूची भेज दी गई है, जिन पर यह कार्रवाई लागू होगी। यह कदम विशेष रूप से जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा को देखते हुए उठाया गया है।

जनगणना कार्य में बाधा बना कारण

राज्य सरकार के अनुसार, जनगणना कार्य में सहयोग न करना इस कार्रवाई का मुख्य आधार है। बिहार में वर्तमान में जनगणना की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। हड़ताल के कारण इस महत्वपूर्ण कार्य पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी।

विभाग का सख्त रुख

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएं। इसी के तहत यह जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है।

संगठन की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर कर्मचारी संगठन बिरसा यूनाइटेड के अध्यक्ष आदित्य शिवमशंकर ने सरकार से बातचीत की अपील की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगें न्यायसंगत हैं और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास और सुशासन के लिए सरकार और कर्मचारियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

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