औद्योगिक क्लस्टर से बदलेगा आर्थिक परिदृश्य
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत कई जिलों में भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है और अब निवेशकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इस परियोजना के पहले चरण में मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई और शाहजहांपुर में क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। यहां सैकड़ों एकड़ भूमि पर औद्योगिक इकाइयों के लिए प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
12 जिलों में फैलेगा विकास का दायरा
गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से लेकर प्रयागराज तक 12 जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे माल परिवहन तेज होगा और उद्योगों के लिए लागत कम होगी। साथ ही, छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नया प्लेटफॉर्म मिलेगा।
रोजगार के नए अवसर
सरकार का अनुमान है कि इन औद्योगिक क्लस्टरों के विकसित होने के बाद 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकता है। यह परियोजना प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी तेज करेगी।
निवेशकों के लिए सुविधाएं
IMLC में सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में आसानी होगी और उत्पादन प्रक्रिया भी सुगम बनेगी।

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