केंद्रीय अधिकारियों को खुशखबरी! पेंशन भुगतान में देरी पर अब सरकार देगी ब्याज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए पेंशन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 22 अप्रैल 2026 को जारी गजट नोटिफिकेशन के तहत नए पेंशन नियम लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य सेवा अवधि के दौरान और रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना है।

पेंशन प्रणाली में बड़ा सुधार

नए नियमों के अनुसार अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल और जवाबदेह बनाया गया है। ये नियम 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त सभी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों पर लागू होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुराने 1958 के पेंशन नियमों के दायरे में आने वाले अधिकारी इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे।

देरी पर अब मिलेगा ब्याज

इस नए ढांचे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर किसी अधिकारी के NPS खाते में सरकार या विभाग की ओर से योगदान में देरी होती है, तो उस पर ब्याज देना अनिवार्य होगा। यह ब्याज पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की दरों के आधार पर तय किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित विभाग की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो।

योगदान की नई व्यवस्था

नए नियमों के तहत पेंशन फंड में योगदान की संरचना पहले जैसी ही रखी गई है, लेकिन इसे और स्पष्ट किया गया है। कर्मचारी अपने बेसिक पे और डीए का 10% योगदान देगा, जबकि सरकार की ओर से 14% का योगदान किया जाएगा। इस तरह हर महीने एक संयुक्त पेंशन फंड तैयार होता रहेगा, जो रिटायरमेंट के समय बड़ी राशि के रूप में उपलब्ध होगा।

सेवा के दौरान महत्वपूर्ण विकल्प

नए नियमों में एक अहम प्रावधान यह भी शामिल किया गया है कि यदि किसी अधिकारी की सेवा के दौरान मृत्यु, विकलांगता या अस्वस्थता की स्थिति बनती है, तो परिवार या अधिकारी के पास पुराने पेंशन नियम और NPS दोनों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा। यह विकल्प वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत बनाता है।

रिटायरमेंट और अन्य प्रावधान क्या है?

नए नियमों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को भी स्पष्ट किया गया है। 30 वर्ष की सेवा या 50 वर्ष की उम्र के बाद अधिकारी VRS ले सकते हैं। इसके अलावा इस्तीफा देने की स्थिति में भी पेंशन फंड के भुगतान की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार की जाएगी। विदेशी सेवा या डेपुटेशन के दौरान भी NPS योगदान जारी रहेगा, जिससे फंड पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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