प्रदेश में बढ़ेगा खेल ढांचा
फिलहाल उत्तर प्रदेश के 71 जिलों में 84 स्टेडियम पहले से ही संचालित हैं, लेकिन बढ़ती खेल प्रतिभा और सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए नए स्टेडियमों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन नए स्टेडियमों का उद्देश्य ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
कुछ जिलों में तेजी से चल रहा काम
इन परियोजनाओं में सबसे आगे गाजीपुर का स्टेडियम है, जिसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं हापुड़ में करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। संभल में निर्माण कार्य लगभग एक चौथाई पूरा हुआ है, जबकि शामली में हाल ही में काम की शुरुआत की गई है। चंदौली में अभी टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
2025-26 तक मिल सकती है नई सुविधाएं
सरकारी जानकारी के अनुसार, गाजीपुर को छोड़कर बाकी सभी स्टेडियमों को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में ये सभी परियोजनाएं तेजी से पूरी होकर खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हो जाएंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्टेडियम
इन नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों को सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि इन्हें पूरी तरह मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, जिम, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल ग्राउंड, हॉकी-फुटबॉल मैदान और एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा फायदा
खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह के अनुसार, इन स्टेडियमों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े शहरों में जाए बिना ही बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

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