महिला कल्याण विभाग के अनुसार यह हेल्पलाइन अब प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है। सरकार का दावा है कि हर संकट में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल रही है। पीड़ित महिलाओं को सिर्फ कानूनी मदद ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक सहयोग भी दिया जाता है, ताकि वे तनाव से उबरकर सामान्य जीवन में लौट सकें।
100% समाधान के साथ बड़ी उपलब्धि
वर्ष 2025-26 के दौरान हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का भी प्रमाण है।
85 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हेल्पलाइन पर करीब 85 हजार शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध और मारपीट जैसे गंभीर मामले शामिल रहे।
सिर्फ अपराध ही नहीं, हर समस्या का समाधान
यह हेल्पलाइन केवल अपराध तक सीमित नहीं है। कई महिलाओं ने इलाज, राशन, जमीन विवाद और सामाजिक सहायता जैसी समस्याओं के लिए भी संपर्क किया, जिनका समाधान संबंधित विभागों के सहयोग से किया गया।
इस प्रणाली से 2 मिनट में शुरू होती है कार्रवाई
इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज प्रतिक्रिया है। शिकायत मिलते ही 2 मिनट के भीतर मामला संबंधित जिले के वन स्टॉप सेंटर को भेज दिया जाता है, जिससे तुरंत कार्रवाई शुरू हो सके।

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