6-लेन सड़क बनने के बाद इस रूट पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। लोगों को सुगम और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, रोजगार और शहरी विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि विवाद और अड़चनें लगभग खत्म
इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा भूमि की कमी थी, जिसके कारण पिछले कुछ महीनों से निर्माण कार्य रुका हुआ था। अब जिला प्रशासन की सक्रियता से कांटी, गायघाट, बोचहां, साहेबगंज और पारू अंचलों में आवश्यक जमीन चिन्हित कर ली गई है, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
पेड़ों के स्थानांतरण की प्रक्रिया तेज
सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 80 पेड़ों को हटाना जरूरी था। इसके लिए वन विभाग ने लगभग साढ़े आठ हेक्टेयर भूमि की मांग रखी थी। अब पेड़ों के स्थानांतरण की प्रक्रिया तेजी से शुरू की जा रही है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
वन विभाग से जल्द एनओसी मिलने की संभावना
पथ निर्माण विभाग द्वारा सभी जरूरी दस्तावेज और भूमि से जुड़ी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके बाद वन विभाग से अनुमति (NOC) मिलने की प्रक्रिया पूरी होते ही पेड़ों का शिफ्टिंग कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
80 करोड़ की लागत से होगा इस सड़क का निर्माण
इस 6-लेन सड़क परियोजना पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क दरभंगा एनएच से जुड़ती है, जिससे इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व और भी बढ़ जाता है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के बाद कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। सरकार ने इसे प्राथमिकता सूची में रखते हुए तेजी से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

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