1 मई से शुरू होगा GPS सर्वे
नई नीति के अनुसार गन्ना सर्वेक्षण का कार्य 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक पूरा किया जाएगा। इस दौरान हर गन्ना किसान को सर्वे से तीन दिन पहले मोबाइल एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी, ताकि वह समय पर अपने खेत पर मौजूद रह सके।
सर्वे टीम में होंगे विशेषज्ञ कर्मचारी
सर्वेक्षण के लिए बनाई गई टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल का कर्मचारी शामिल होगा। दोनों को सर्वे से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डेटा संग्रह में किसी भी तरह की गलती न हो।
खेत पर ही होगा डिजिटल डेटा रिकॉर्ड
सर्वे के दौरान टीम किसान के खेत पर पहुंचकर जीपीएस तकनीक की मदद से गन्ने की खेती का सटीक डेटा सीधे विभागीय सर्वर में फीड करेगी। इसके साथ ही खेत का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म और अन्य विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
किसानों को मिलेगी पूरी जानकारी SMS से
सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को उनके खेत से जुड़ी पूरी जानकारी जैसे क्षेत्रफल और फसल विवरण एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी। किसान चाहें तो अपनी भूमि का सत्यापन www.upbhulekh.gov.in पर भी कर सकेंगे।
नए किसानों का भी होगा इसमें पंजीकरण
इस सर्वेक्षण के दौरान नए किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर 2026 तक पंजीकृत किसानों को ही गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

0 comments:
Post a Comment