सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ती महंगाई के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसमें तत्काल सुधार की जरूरत है। इसी को आधार बनाकर यूनियनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी की मांग को प्रमुख रूप से रखा है।
बेसिक पे को 72,000 रुपये का प्रस्ताव
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने अपने सुझाव पत्र में सबसे अहम मांग यह रखी है कि शुरुआती बेसिक पे को बढ़ाकर 72,000 रुपये प्रति माह किया जाए। यह वर्तमान 7वें वेतन आयोग के तहत निर्धारित 18,000 रुपये के मूल वेतन का लगभग चार गुना है। यूनियन का मानना है कि यह बदलाव कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर देने में मदद करेगा।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर में भी संशोधन की मांग की है। अभी यह 2.57 पर आधारित है, लेकिन इसे बढ़ाकर 4.0 करने का सुझाव दिया गया है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
महंगाई भत्ते में सुधार की जरूरत
संगठनों ने यह भी कहा है कि महंगाई भत्ता (DA) की गणना प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई का सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर न पड़े। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में वास्तविक खर्चों को पूरी तरह संतुलित नहीं किया जा रहा है।
आर्थिक स्थिति के अनुरूप वेतन ढांचा
यूनियनों का तर्क है कि नया वेतन ढांचा देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, जीवनयापन की लागत और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए। इससे न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी बल्कि उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।

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