सैंपल के आधार पर होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत हर परियोजना में 5 से 10 प्रतिशत आवासों का चयन कर उनकी जांच की जाएगी। कम से कम 50 मकानों का निरीक्षण अनिवार्य होगा। यदि किसी परियोजना में 50 से कम आवास हैं, तो सभी का सत्यापन किया जाएगा।
अंतरिम जांच व्यवस्था लागू
जब तक राज्य स्तर पर थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनिटरिंग एजेंसियों (TPQMA) की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक यह जिम्मेदारी जिला स्तर की तकनीकी टीम को दी गई है। यह टीम परियोजना निदेशक के नेतृत्व में हर आवास का निरीक्षण करेगी और गुणवत्ता का आकलन करेगी।
निर्माण के हर चरण पर निगरानी
जांच के दौरान मकान के निर्माण की हर महत्वपूर्ण स्टेज जैसे नींव, ढांचा और संरचना की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की भी गहन जांच होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता
हर निरीक्षण का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। इसमें जियो-टैग फोटो, लाभार्थी का विवरण, भुगतान की स्थिति और अधिकारियों के हस्ताक्षर शामिल होंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। जरूरत पड़ने पर सरकार सरकारी तकनीकी संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों की सहायता भी ले सकेगी ताकि जांच प्रक्रिया और अधिक सटीक और विश्वसनीय बन सके।
.jpg)
0 comments:
Post a Comment