यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत: स्मार्ट मीटर गड़बड़ी पर सख्त हुआ आयोग, जुर्माने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियामक तंत्र अब सक्रिय नजर आ रहा है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिचार्ज के बाद तय समय में बिजली आपूर्ति बहाल न होना नियमों का उल्लंघन है।

दो घंटे में कनेक्शन जरूरी

नियमों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने के कारण कट जाता है, तो रिचार्ज के बाद अधिकतम दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हो जानी चाहिए। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां यह समयसीमा पार हो गई।

पावर कॉरपोरेशन को नोटिस

इसी लापरवाही को लेकर आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न प्रतिदिन एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाए। इस संबंध में 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

लाखों उपभोक्ता प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1.93 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन निर्धारित दो घंटे के भीतर बहाल नहीं हो पाए। कई दिनों में तो केवल 77 प्रतिशत कनेक्शन ही समय पर जुड़ पाए, जो तय मानकों से काफी कम है।

स्मार्ट मीटर पर पहले भी उठे सवाल

स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में नाराजगी जताई थी और तकनीकी जांच के निर्देश दिए थे। जांच के चलते फिलहाल पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है।

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