बिहार सरकार का बड़ा कदम: कई क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लागू

पटना। बिहार सरकार ने शहरी विकास को नए ढंग से व्यवस्थित करने की दिशा में सख्त कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के कई प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण गतिविधियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

सरकार का यह निर्णय मास्टर प्लान 2031 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य अनियंत्रित शहरीकरण को रोककर योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है। यह रोक 30 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया हैं।

किन-किन क्षेत्रों में लागू हुआ प्रतिबंध

राज्य के सात प्रमुख टाउनशिप क्षेत्रों में फिलहाल जमीन से जुड़े सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इनमें पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर अब सरकार द्वारा मास्टर प्लान के अनुसार विकास की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी, जिसके बाद ही आगे की गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।

मास्टर प्लान 2031 से जुड़े बदलाव

इस पूरे फैसले का आधार मास्टर प्लान 2031 है। इसके तहत हर टाउनशिप क्षेत्र को अलग-अलग उपयोग के हिसाब से बांटा जाएगा। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्र शामिल होंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि शहर बिना किसी अव्यवस्था के विकसित हों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए।

पाटलिपुत्र टाउनशिप पर खास ध्यान

पटना के आसपास बनने वाली पाटलिपुत्र टाउनशिप इस योजना का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह क्षेत्र कई प्रखंडों जैसे फतुहा, मसौढ़ी, पुनपुन, संपतचक, धनरूआ और फुलवारी शरीफ तक फैला हुआ है। यह प्रोजेक्ट 275 से अधिक राजस्व गांवों को कवर करेगा। इसका बड़ा हिस्सा विकास के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे आने वाले समय में यह क्षेत्र एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

अन्य टाउनशिप क्षेत्रों की योजना

सारण जिले के सोनपुर क्षेत्र में भी बड़ा टाउनशिप प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जो कई प्रखंडों को जोड़ता है। वहीं गया में मगध टाउनशिप के तहत बोधगया और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने की योजना है। इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य राज्य में संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

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