ब्लॉक स्तर पर आरक्षण से बढ़ेंगे मौके
नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ राज्य या जिला स्तर ही नहीं, बल्कि ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसका मतलब यह है कि स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र के संस्थानों में प्रवेश पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। हर स्तर पर संबंधित क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मेरिट के आधार पर होगा प्रवेश
आईटीआई में दाखिला इस बार भी हाईस्कूल के अंकों के आधार पर होगा। छात्रों को अलग-अलग स्तर की मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा में बदलाव
सरकार ने इस बार तकनीकी शिक्षा को और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया है। छात्रों को स्मार्टफोन और लैपटॉप के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। यूट्यूब जैसे माध्यमों पर वीडियो लेक्चर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पढ़ाई आसान और सुलभ बने। साथ ही, कुछ प्रमुख आईटीआई संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम के जरिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
AI प्रशिक्षण हुआ अनिवार्य
नई शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है, ताकि वे बदलते समय के साथ तालमेल बैठा सकें।
खाली सीटें नहीं रहेंगी
इस बार सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आईटीआई की कोई भी सीट खाली न रहे। संशोधित नियमों के तहत पात्र छात्रों को मौका देकर सभी सीटों को भरने की योजना बनाई गई है।
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