किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का फायदा उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी फसल कम से कम 33 प्रतिशत या उससे अधिक नष्ट हुई है। इसमें पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसान शामिल किए गए हैं। आवेदन के समय आधार सत्यापन अनिवार्य होगा, ताकि लाभ सीधे सही व्यक्ति तक पहुंच सके।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
सरकार ने इस योजना को पारदर्शी बनाने के लिए सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने का फैसला किया है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी।
कितनी मिलेगी सहायता राशि
फसल और भूमि के प्रकार के अनुसार अनुदान की दर तय की गई है:
असिंचित (बारिश आधारित) भूमि: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
सिंचित भूमि: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
बहुवर्षीय फसल (जैसे गन्ना): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर
इसके अलावा न्यूनतम सहायता राशि भी तय की गई है, ताकि छोटे किसानों को भी पर्याप्त मदद मिल सके। यह अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक के लिए दिया जाएगा।
किन जिलों के किसान होंगे शामिल
यह योजना राज्य के कई बाढ़ प्रभावित जिलों में लागू की गई है, जिनमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिले शामिल हैं। कुल 13 जिलों के 88 प्रखंडों और 1400 से अधिक पंचायतों को कवर किया गया है।
किसानों के लिए आवेदन की समयसीमा
किसानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई तय की गई है। इसलिए पात्र किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

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