फिलहाल आगरा से बरेली पहुंचने में करीब 6 घंटे तक का समय लग जाता है, लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यही दूरी केवल दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी।
चार चरणों में तैयार हो रहा एक्सप्रेसवे
करीब 228 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कई चरणों में किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 7700 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए मशीनों और संसाधनों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
पहला चरण मथुरा से हाथरस के देवीनगर तक बनाया गया है, जो पहले ही चालू हो चुका है। दूसरे चरण में देवीनगर से कासगंज तक सड़क निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। वहीं तीसरे और चौथे चरण में कासगंज, बदायूं और बरेली तक तेजी से काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले साल दिसंबर तक यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू हो सकता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मार्ग
इस एक्सप्रेसवे को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। परियोजना में कई बड़े पुल, फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा अंडरपास की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि स्थानीय लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।
इसके निर्माण से 15 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश के करीब 15 जिलों को मिलेगा। आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली जैसे शहरों के बीच संपर्क पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि आगरा और मथुरा जैसे प्रमुख पर्यटन शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

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