सीएम सम्राट का सख्त आदेश: नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू

पटना। बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता और कार्य गति बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य के सभी अंचलों में चल रहे राजस्व कार्यों की अब रोजाना विभागीय स्तर पर निगरानी और समीक्षा की जाएगी।

हर दिन होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा

नई व्यवस्था के तहत अब विभागीय सचिव या अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंचलों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर हो रहे कामों में तेजी लाना और किसी भी तरह की देरी या अनियमितता को रोकना है।

रोजाना दो अंचलों की होगी गहन जांच

निर्देशों के अनुसार हर दिन दो अंचलों का चयन किया जाएगा, जहां चल रहे राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसमें अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। समीक्षा बैठक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्य प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली जाएगी।

सर्वे कार्यों में तेजी और पारदर्शिता पर जोर

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष सर्वेक्षण कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है। नवपदस्थापित बंदोबस्त पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करें।

तकनीकी दक्षता और जवाबदेही जरूरी

विभागीय सचिव ने कहा कि यह पूरा अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना और आम जनता को सही और पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।

0 comments:

Post a Comment