एक हजार जवानों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रस्तावित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में एक समय में करीब एक हजार CISF जवानों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस सेंटर में सुरक्षा बलों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिहार में सुरक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। किशनगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस केंद्र को रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना से राज्य की सुरक्षा अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
सीमांचल क्षेत्र में बढ़ेगी विकास
किशनगंज लंबे समय से बड़े सरकारी संस्थानों और निवेश की प्रतीक्षा कर रहा था। अब CISF ट्रेनिंग सेंटर बनने से इलाके में सड़क, बिजली, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से होटल, परिवहन, बाजार और छोटे व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर
क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र बनने से आसपास के युवाओं में भी सुरक्षा बलों के प्रति रुचि बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संस्थान किसी भी इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभाते हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह केंद्र बिहार के लिए सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
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