1. बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा
सबसे बड़ी चर्चा एंट्री लेवल (लेवल-6) शिक्षकों की बेसिक सैलरी को लेकर है। प्रस्तावों में इसे बढ़ाकर लगभग 1.34 लाख रुपये तक करने की बात सामने आई है। अगर यह लागू होता है तो PRT, TGT और PGT शिक्षकों की आय में सीधा बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
2. फिटमेंट फैक्टर से बढ़ेगा वेतन
वेतन वृद्धि का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। अभी यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 2.62 से 3.83 तक करने की सिफारिश की जा रही है। इसका मतलब है कि नई सैलरी स्ट्रक्चर में कर्मचारियों की आय लगभग दोगुनी तक बढ़ सकती है। इसके साथ वार्षिक इंक्रीमेंट भी 3% से बढ़कर 6-7% तक किए जाने की मांग है।
3. महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता
शिक्षकों को मिलने वाले भत्तों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रस्ताव के अनुसार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को बढ़ाकर 36% तक किया जा सकता है, जो शहरों के हिसाब से अलग-अलग होगा। इससे शिक्षकों को रहने का खर्च काफी हद तक आसान हो सकता है।
4. डिजिटल अलाउंस और शिक्षा भत्ता में वृद्धि
आज के डिजिटल युग को देखते हुए शिक्षकों के लिए अलग से डिजिटल अलाउंस की मांग की गई है। इसके तहत हर महीने लगभग 2,000 रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए हर बच्चे पर करीब 7,000 रुपये मासिक शिक्षा भत्ता देने की भी बात सामने आई है।
5. रिटायरमेंट और DA में सुधार करने की मांग
महंगाई भत्ता (DA) जब 50% तक पहुंच जाएगा तो उसे बेसिक सैलरी में जोड़ने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इससे भविष्य में पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभों में भी सीधा फायदा मिलेगा। इससे शिक्षकों का सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा स्तर मजबूत होने की उम्मीद है।
शिक्षकों के लिए क्यों खास है यह आयोग
8वां वेतन आयोग सिर्फ वेतन वृद्धि का नहीं, बल्कि पूरे सेवा ढांचे में सुधार का संकेत माना जा रहा है। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो केंद्रीय स्कूलों के शिक्षकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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