40 वर्ष से अधिक श्रमिकों की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जांच
नई व्यवस्था के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए हर साल स्वास्थ्य जांच की सुविधा शुरू की गई है। ईएसआईसी के माध्यम से श्रमिकों की मुफ्त जांच की जाएगी और गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ दवाइयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि समय पर स्वास्थ्य जांच होने से बड़ी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकेगा और श्रमिक लंबे समय तक स्वस्थ रहकर काम कर पाएंगे।
महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत
नई श्रम संहिता में महिलाओं के हितों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है, जिससे कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा महिला श्रमिकों के लिए रात की पाली में काम करने से जुड़ी कई कानूनी बाधाएं भी हटाई गई हैं। सरकार का कहना है कि अब सुरक्षित वातावरण में महिलाएं रात की पाली में भी काम कर सकेंगी।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा तेजी से बढ़ा है। पहले जहां बहुत कम श्रमिक योजनाओं से जुड़े थे, वहीं अब करोड़ों कामगार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। ईएसआईसी से जुड़े लाभार्थियों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सरकार इसे श्रमिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।
श्रमिकों के लिए क्यों अहम हैं ये फैसले?
नई योजनाओं से करोड़ों कामगारों को स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक राहत और बेहतर कार्य वातावरण मिलने की उम्मीद है। खासकर महिला कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ये फैसले काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में श्रमिक कल्याण से जुड़ी और योजनाएं भी लागू की जाएंगी, जिससे देश का कार्यबल अधिक सुरक्षित और मजबूत बन सके।

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