बिहार सरकार का सख्त आदेश, सभी 38 जिलों में लागू

पटना। बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। राज्य के सभी 38 जिलों में लागू इस नए आदेश के तहत अब वाहनों पर लगे जातिसूचक शब्दों या स्टिकर को हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए एआई आधारित निगरानी सिस्टम भी तेजी से लागू किया जा रहा है।

जातिसूचक स्टिकर पर पूरी तरह रोक

परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि किसी भी वाहन पर जाति से जुड़े शब्द, स्लोगन या स्टिकर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है ताकि वे स्वयं ऐसे सभी निशान हटा लें। समय सीमा पूरी होने के बाद ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करेगी और नियम उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा।

दो हजार रुपये तक जुर्माना तय

मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में वाहन चालकों से दो हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों को नियमों के अनुरूप कर लें ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

सड़क सुरक्षा के लिए AI सिस्टम

बिहार सरकार ने ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने की योजना तेज कर दी है। इसके तहत राज्यभर में करीब 700 स्थानों पर एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे न केवल ट्रैफिक नियमों की निगरानी करेंगे बल्कि वाहन चालकों की पहचान भी कर सकेंगे।

फेसियल रिकग्निशन से बढ़ेगी निगरानी

नई तकनीक में फेसियल रिकग्निशन और सर्विलांस सिस्टम को भी शामिल किया जा रहा है। इससे बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने में भी यह सिस्टम मददगार साबित होगा।

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