60% से बढ़कर 63% हो सकता है DA
केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी चक्र के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद डीए 60 प्रतिशत तक पहुंच गया। अब जुलाई 2026 के लिए आने वाले आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार एक और बढ़ोतरी कर सकती है।
मार्च 2026 के AICPI-IW सूचकांक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो महंगाई के स्तर को दर्शाता है। यही आंकड़े डीए तय करने का आधार बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी सूचकांक इसी तरह बढ़ता रहा, तो सितंबर 2026 में डीए बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।
कर्मचारियों की सैलरी में कितना होगा फायदा
डीए बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है और डीए 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो उसकी मासिक आय में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अब यदि जुलाई में फिर 3 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो हर महीने सैलरी में और इजाफा होगा। इसी तरह अलग-अलग पे लेवल वाले कर्मचारियों को भी उनके बेसिक वेतन के हिसाब से लाभ मिलेगा।
नए वेतन आयोग से कर्मचारी संगठनों ने रखीं नई मांगें
डीए बढ़ोतरी की संभावना के बीच कर्मचारी संगठनों ने नए वेतन आयोग में सरकार के सामने कई नई मांगें भी रखी हैं। कर्मचारी संघों का कहना है कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाया जाना चाहिए। कुछ संगठनों ने यह भी मांग की है कि डीए संशोधन हर छह महीने की बजाय हर तीन महीने में किया जाए, ताकि कर्मचारियों को महंगाई से जल्दी राहत मिल सके। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों की आय और खर्च के बीच बेहतर संतुलन बना रहेगा।
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