सरकार के निर्देश के बाद भवन निर्माण विभाग ने अपने सभी अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं के तहत काम कर रहे लोगों की संख्या और रोजगार की स्थिति का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराएं।
रोजगार का तैयार होगा बड़ा डाटा
सरकार इस जानकारी को रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पास भेजेगी। इसके आधार पर राज्य में रोजगार और नौकरी का समेकित डाटा तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अलग-अलग विभागों में चल रही योजनाओं के जरिए कितने लोगों को रोजगार मिला है, इसका सही आंकड़ा तैयार होने से आगे की रणनीति बनाना आसान होगा।
एक सप्ताह में रिपोर्ट जमा करने का आदेश
सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पत्र मिलने के एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार रोजगार को लेकर नई योजनाओं और नीतियों पर काम तेज करेगी। सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी देना ही नहीं बल्कि कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना भी है।
इससे युवाओं को मिल सकती है बड़ी राहत
जानकारों का मानना है कि यदि सरकार रोजगार का सटीक डाटा तैयार कर लेती है, तो भविष्य में नौकरी और कौशल विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। बिहार में लंबे समय से रोजगार बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण मानी जा रही है।

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