निरीक्षण के दौरान कई गांवों में जाकर अधिकारियों ने जमीन की स्थिति और संभावित निर्माण क्षेत्र का जायजा लिया। इस परियोजना से जुड़े जिलों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन गांवों और क्षेत्रों का हुआ निरीक्षण
अधिकारियों की टीम ने मलूपुर, रामनगर, पेतखेड़ा और खंदौली जैसे गांवों का दौरा किया। इस दौरान प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए चिन्हित जमीन और किसानों की भूमि का विस्तृत निरीक्षण किया गया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं को भी समझा और आगे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता मुआवजे को लेकर
इस परियोजना के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा मुआवजे का सामने आया। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी उपजाऊ जमीन के बदले तय की गई दरें बहुत कम हैं और इससे उन्हें नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि कई जगहों पर जमीन का सर्किल रेट पहले से ही काफी अधिक है, जबकि अधिग्रहण के लिए तय दरें उससे काफी कम रखी गई हैं। मलूपुर, रामनगर और पेतखेड़ा क्षेत्र के किसानों ने अलग-अलग दरों पर आपत्ति जताते हुए इसे असंतोषजनक बताया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया
निरीक्षण के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि मुआवजे की दरों की समीक्षा की जाएगी और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से लेकर समाधान की प्रक्रिया को तेज करें।
0 comments:
Post a Comment