यह एक्सप्रेसवे वाराणसी से शुरू होकर चंदौली होते हुए बिहार के कैमूर जिले में प्रवेश करेगा। इसके बाद रोहतास, औरंगाबाद और गया से गुजरते हुए झारखंड के चतरा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो तक पहुंचेगा। फिर यह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुरा, मेदिनीपुर और हावड़ा होते हुए कोलकाता तक जाएगा।
6 से 7 घंटे में पूरा होगा सफर
अभी वाराणसी से कोलकाता पहुंचने में लगभग 13 से 14 घंटे का समय लगता है। लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह समय घटकर करीब 6 से 7 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। सरकार इस कॉरिडोर को एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित कर रही है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी।
पर्यावरण मंत्रालय से मिली मंजूरी
काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना लंबे समय से पर्यावरण मंजूरी का इंतजार कर रही थी। अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से इस प्रोजेक्ट को नई मंजूरी मिल गई है। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है।
एनएचएआई को मिली बड़ी राहत
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI को झारखंड और पश्चिम बंगाल के हिस्सों में निर्माण कार्य की मंजूरी भी मिल चुकी है। अधिकारियों के अनुसार 200 किलोमीटर से अधिक हिस्से में काम आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत एक्सप्रेसवे का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और कई हिस्सों में काम पहले से जारी है।
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