प्रीपेड मीटर व्यवस्था क्यों हुई बंद
प्रदेश में केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा था। लेकिन कई जगहों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना इन्हें प्रीपेड मोड में बदल दिया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। तकनीकी खामियों, अचानक बैलेंस खत्म होने और बिलिंग में गड़बड़ी जैसी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं में असंतोष देखने को मिला। इसी को देखते हुए सरकार ने व्यवस्था वापस लेने का निर्णय लिया।
सरकार के नए निर्देश क्या हैं
ऊर्जा मंत्री ने साफ किया है कि अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में ही रहेंगे। जिन उपभोक्ताओं के मीटर पहले प्रीपेड में बदले गए थे, उन्हें अब वापस पोस्टपेड सिस्टम में लाया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिजली बिल हर माह की 10 तारीख तक दिया जाएगा, बिल भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा और उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सिक्योरिटी मनी को लेकर नई व्यवस्था
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पोस्टपेड व्यवस्था में आने वाले उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। हालांकि इसे एक साथ लेने के बजाय चार किस्तों में वसूला जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं पर एक साथ आर्थिक बोझ न पड़े।
बकाया बिल पर राहत
सरकार ने 30 अप्रैल तक के बकाया बिजली बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा देने का भी फैसला किया है। केवल एक महीने का बकाया होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
शिकायत और बिल के लिए हेल्पलाइन
बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं:
पूर्वांचल: 8010968292
मध्यांचल: 7669003409
पश्चिमांचल: 7859804803
दक्षिणांचल: 8010957826
केस्को: 8287835233
इन नंबरों पर कॉल कर उपभोक्ता अपने बिल और अन्य समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

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