महंगाई के आधार पर बढ़ी मजदूरी
रेलवे बोर्ड द्वारा यह संशोधन औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) में आई वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है। इस सूचकांक में 11.28 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद वेतन दरों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। नई दरों के अनुसार श्रमिकों की श्रेणी और कार्य क्षेत्र के हिसाब से प्रतिदिन की मजदूरी में औसतन ₹40 से ₹80 तक की बढ़ोतरी की गई है।
निर्माण और लोडिंग-अनलोडिंग में नई दरें
अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी अब एरिया ए में ₹827 तक पहुंच गई है, जो पहले इससे कम थी। इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़कर ₹918 प्रतिदिन हो गई है। कुशल श्रमिकों को अब ₹1008 प्रतिदिन और अति-कुशल श्रमिकों को ₹1094 प्रतिदिन तक भुगतान किया जाएगा। एरिया बी और एरिया सी में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी की गई है, जहां पहले के मुकाबले हर श्रेणी में औसतन ₹50 से ₹70 प्रतिदिन का फायदा हुआ है।
सुरक्षा कर्मियों को भी बड़ा फायदा
रेलवे में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की मजदूरी में भी संशोधन किया गया है। बिना हथियार वाले सुरक्षा कर्मियों की दैनिक मजदूरी अब लगभग ₹1000 तक पहुंच गई है, जबकि हथियारधारी गार्डों को इससे अधिक दर पर भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मानी जा रही है।
शहरों के आधार पर तय हुई मजदूरी
रेलवे ने पूरे देश को तीन श्रेणियों में बांटा है। एरिया ए में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगर आते हैं, जहां मजदूरी सबसे अधिक है। एरिया बी में मध्यम श्रेणी के शहर शामिल हैं, जबकि एरिया सी में छोटे शहर और अन्य क्षेत्र आते हैं। महानगरों में श्रमिकों को अन्य क्षेत्रों की तुलना में प्रतिदिन लगभग ₹150 से ₹200 तक अधिक मजदूरी मिल रही है।
मासिक आय पर सीधा असर
नई दरों का असर श्रमिकों की मासिक आय पर भी साफ दिखाई देगा। औसतन: अकुशल श्रमिकों की मासिक आय में ₹1200 से ₹1800 तक बढ़ोतरी, कुशल श्रमिकों की आय में ₹1800 से ₹2500 तक की वृद्धि, अति-कुशल श्रमिकों की आय में ₹2500 से ₹3000 तक का इजाफा। इस बढ़ोतरी से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
ठेकेदारों पर सख्त निगरानी
रेलवे बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी ठेकेदारों को संशोधित दरों के अनुसार ही मजदूरी का भुगतान करना होगा। रेलवे को प्रमुख नियोक्ता मानते हुए यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी कर्मचारी को कम वेतन न मिले। यदि कोई ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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