अब 20 सप्ताह की अनिवार्य इंटर्नशिप
नए नियमों के अनुसार बीएड प्रशिक्षुओं को कुल 20 सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी। इसमें पहले वर्ष में 4 सप्ताह और दूसरे वर्ष में 16 सप्ताह की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल होगी। इस दौरान छात्रों को सीधे माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता को व्यावहारिक अनुभव के साथ मजबूत किया जा सकेगा।
सरकारी स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
इंटर्नशिप के लिए सबसे पहले राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर किसी बीएड कॉलेज के आसपास सरकारी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, तभी छात्रों को निजी स्कूलों में भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में भी शिक्षण संसाधनों की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकेगा।
जिला स्तर पर होगा स्कूल आवंटन
हर जिले में बीएड कॉलेज अपने प्रशिक्षुओं की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजेंगे। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित छात्रों को इंटर्नशिप के लिए स्कूल आवंटित करेंगे। इस नई प्रक्रिया से इंटर्नशिप में पारदर्शिता और व्यवस्था दोनों सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों को फायदा
जहां पर शिक्षकों की कमी है, वहां बीएड प्रशिक्षुओं को उनके विषय के अनुसार पढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को भी लाभ मिलेगा और प्रशिक्षुओं को वास्तविक कक्षा अनुभव प्राप्त होगा। पहले इंटर्नशिप की व्यवस्था स्पष्ट न होने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।
एनसीटीई के नियम होंगे सख्ती से लागू
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को अब बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। 2030 तक सभी बीएड कॉलेजों को अन्य विषयों के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण और अधिक व्यापक और गुणवत्तापूर्ण बन सके।

0 comments:
Post a Comment