आपको बता दें की इस योजना के तहत पात्र किसानों को केंद्र सरकार के द्वारा सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, लेकिन तकनीकी और दस्तावेजी त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में किसानों की किस्त अटक गई है।
क्यों रोकी गई किसानों की किस्त
कृषि विभाग द्वारा किए गए डेटा मिलान में कई तरह की खामियां सामने आई हैं, जिनके कारण भुगतान रोकना पड़ा है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. वरासत संबंधी त्रुटियां
राज्य में 11,13,169 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां उत्तराधिकार के बाद भूमि का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया है। मृतक किसान के नाम पर गलत पंजीकरण के कारण भुगतान रोक दिया गया है।
2. एक ही भूमि पर दो लाभार्थी
2,62,365 मामलों में एक ही जमीन पर वर्तमान और पूर्व मालिक दोनों का पंजीकरण पाया गया है, जिससे दोहरा लाभ लेने की स्थिति बन रही थी।
3. 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि का अधूरा रिकॉर्ड
2,80,718 किसानों ने 2019 के बाद प्राप्त भूमि का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं कराया, जिसके चलते उनके भुगतान पर भी रोक लगी है।
किसानों को करना होगा जरूरी सुधार कार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री और रिकॉर्ड को अपडेट करना अनिवार्य है। इसके लिए किसान निम्न प्रक्रिया अपनाएं:
पीएम किसान पोर्टल पर जाकर 'मिसिंग इनफॉर्मेशन अपडेट' करें।
नजदीकी जन सेवा केंद्र से दस्तावेज अपलोड कराएं।
सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही होने चाहिए।
गलत या अपठनीय दस्तावेज होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है।

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