सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है और अब सबसे अहम मुद्दा फिटमेंट फैक्टर पर फैसला होना बाकी है, जो सीधे सैलरी बढ़ोतरी तय करेगा।
फिटमेंट फैक्टर क्या होगा खेल का असली आधार
सैलरी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर माना जा रहा है। कर्मचारी संगठन जहां 3.83 तक के फैक्टर की मांग कर रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों के अनुसार यह 1.92 से 2.28 के बीच रह सकता है। इसी आधार पर नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
ग्रेड-पे 1800 वालों की अनुमानित सैलरी
वर्तमान में ग्रेड-पे 1800 (लेवल-1) वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग ₹18,000 है।
1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹34,560
2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹41,040
3.83 (यूनियन मांग): लगभग ₹69,000
इसका मतलब है कि निचले स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
ग्रेड-पे 1900 वालों की स्थिति
ग्रेड-पे 1900 (लेवल-2) वाले कर्मचारियों की वर्तमान बेसिक सैलरी लगभग ₹19,900 है।
1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹38,208
2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹45,372
3.83 फिटमेंट पर: लगभग ₹76,217
इस वर्ग को भी सैलरी में मजबूत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है।
ग्रेड-पे 2000 वालों को कितना फायदा
ग्रेड-पे 2000 (लेवल-3) वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग ₹21,700 है।
1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹41,664
2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹49,476
3.83 फिटमेंट पर: लगभग ₹83,111
इस कैटेगरी के कर्मचारियों की आय में भी बड़ा सुधार संभावित है।
महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों में बदलाव
8वें वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा और इसे शून्य से फिर शुरू किया जाएगा। इसके अलावा मकान किराया भत्ता (HRA) में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जो शहर के हिसाब से 10% से 30% तक हो सकता है।
एरियर का भी मिल सकता है फायदा
अगर आयोग की सिफारिशें देर से लागू होती हैं, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना भी बन सकती है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

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