बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के 11 बड़े फैसले, लोगों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक्शन मोड में नजर आए। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए 11 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इन फैसलों को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

निशांत कुमार ने साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों को बिना किसी परेशानी के बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

मरीजों के पूरे मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों का भी डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा, जिससे इलाज की निगरानी और सुविधा दोनों बेहतर हो सकें।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और खाली पदों को भरने पर जोर दिया गया है। डॉक्टरों को प्रोत्साहन देकर दूरदराज क्षेत्रों में सेवा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार

राज्य के अस्पतालों में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और जांच सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती पर जोर

जिला अस्पतालों में न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि मरीजों को गंभीर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

मरीजों से फीडबैक सिस्टम होगा मजबूत

अब अस्पतालों में इलाज के बाद मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा और सुधार की दिशा तय होगी।

ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं में सुधार

सड़क हादसों में घायल लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए ट्रॉमा सेंटर को मानकों के अनुसार सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस की व्यवस्था भी बढ़ाई जाएगी।

ऑपरेशन थिएटर की सफाई पर सख्ती

अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर की साफ-सफाई और मानकों के पालन को अनिवार्य किया गया है। इससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।

पीने के पानी और बीमारी रोकथाम पर फोकस

मंत्री ने आर्सेनिक और आयरन युक्त पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय कर पानी की गुणवत्ता सुधारने पर काम किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को जनता के लिए आसान बनाने का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि पूरा स्वास्थ्य सिस्टम जनता के लिए अधिक सरल, सुलभ और उपयोगी बनाया जाएगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, इस पर विशेष काम किया जाएगा।

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