भारत ने किया MIRV मिसाइल टेस्ट, चीन सन्न, पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए MIRV तकनीक से लैस एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास एक ही मिसाइल से कई लक्ष्यों को साधने की क्षमता मौजूद है। रक्षा क्षेत्र में इसे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

क्या है MIRV तकनीक?

MIRV यानी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसके जरिए एक ही बैलिस्टिक मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों पर वार कर सकती है। इस तकनीक में मिसाइल अपने साथ कई पेलोड लेकर उड़ान भरती है और तय समय पर उन्हें अलग-अलग दिशा में छोड़ती है। इससे दुश्मन के लिए मिसाइल रक्षा प्रणाली को सक्रिय करना बेहद कठिन हो जाता है।

हिंद महासागर क्षेत्र में परीक्षण

जानकारी के अनुसार इस परीक्षण में कई पेलोड का उपयोग किया गया और उनके लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित किए गए थे। मिसाइल की उड़ान और पेलोड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जमीनी तथा समुद्र आधारित ट्रैकिंग स्टेशनों का इस्तेमाल किया गया। परीक्षण के दौरान टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल के प्रक्षेपण से लेकर लक्ष्य भेदन तक हर चरण की निगरानी की।

भारत की बढ़ी रणनीतिक ताकत

इस सफल परीक्षण के बाद भारत की रणनीतिक शक्ति को बड़ी मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षमता भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाएगी तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। MIRV तकनीक से लैस मिसाइलें लंबी दूरी तक कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती हैं, जिससे भारत की रक्षा तैयारियां और अधिक मजबूत हो गई हैं।

डीआरडीओ और सेना की बड़ी उपलब्धि

इस मिसाइल प्रणाली को DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं ने देशभर के उद्योगों के सहयोग से तैयार किया है। परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ भारतीय सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण पर वैज्ञानिकों, सेना और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देगी और बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत की स्थिति को और सशक्त बनाएगी।

0 comments:

Post a Comment