उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी किसी भी परिवार की बेटी की शादी में बाधा न बने। इसी को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत आर्थिक सहायता के साथ जरूरी घरेलू सामान और अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
1. बेटियों के खाते में सीधे मिलेंगे 60 हजार रुपये
योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी राहत यह है कि 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इस राशि से नवविवाहित जोड़े को नई जिंदगी शुरू करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि सीधे खाते में पैसा भेजने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
2. शादी के साथ मिलेगा गृहस्थी का जरूरी सामान
सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि नवविवाहित जोड़ों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत साड़ी, कपड़े, चांदी की पायल-बिछिया, डिनर सेट, कुकर, कढ़ाही, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, गद्दा, तकिया और बेडशीट समेत कई जरूरी चीजें दी जाएंगी। इससे गरीब परिवारों पर शादी के बाद गृहस्थी बसाने का बोझ कम होगा।
3. विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें केवल पहली शादी ही नहीं, बल्कि विधवा, परित्यक्ता और कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा निराश्रित कन्याओं, दिव्यांग अभिभावकों की बेटियों और स्वयं दिव्यांग कन्याओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इससे जरूरतमंद महिलाओं को नई शुरुआत का अवसर मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश में कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। शादी के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होना जरूरी है। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं और विवाह तिथि से एक सप्ताह पहले तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
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