यूपी में 'ग्राम प्रधान' के लिए बड़ी खुशखबरी, बनी रहेगी पावर?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच ग्राम प्रधानों की भूमिका को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने संकेत दिया है कि यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं होते हैं, तो ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था को जारी रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मंत्री के अनुसार, पंचायती राज विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को एक सुझाव भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव न होने की स्थिति में ग्राम स्तर पर कार्य सुचारु रखने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा जल्द, संभवतः एक-दो दिनों में लिया जा सकता है।

सड़क परियोजना का शिलान्यास और राजनीतिक बयानबाजी

शुक्रवार शाम मऊ जिले के मरदह क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में कई राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी।

समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला

इस दौरान मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी में परिवारवाद की राजनीति हावी है और इसे उन्होंने 'पीडीए' के नए अर्थ के रूप में व्याख्यायित किया। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक परिवारों तक सीमित ढांचा बनकर रह गया है। 

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व की सपा सरकार में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं और कई निर्णयों पर विवाद हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि उस समय कुछ नियुक्तियों को लेकर अदालतों की ओर से भी आपत्तियाँ दर्ज की गई थीं, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।

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