खास बात यह है कि कुछ ही समय पहले अमेरिका ने जर्मनी और पोलैंड से सैनिकों की संख्या कम करने के संकेत दिए थे, लेकिन अब अचानक अतिरिक्त सैनिक भेजने के फैसले ने कई देशों को चौंका दिया है। दुनिया में ट्रंप की बदलती रणनीति की चर्चा तेज हो गई हैं।
रूस और चीन की बढ़ती नजदीकी के बीच फैसला
ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हाल ही में चीन के दौरे पर गए थे। इसके अलावा रूस ने परमाणु हथियारों से जुड़े बड़े सैन्य अभ्यास भी किए हैं। यूक्रेन युद्ध के बीच रूस लगातार अपनी सैन्य ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पोलैंड में अमेरिकी सैनिकों की नई तैनाती को रूस के लिए एक रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
पोलैंड और नाटो ने किया स्वागत
पोलैंड लंबे समय से अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका से सैन्य सहयोग बढ़ाने की मांग करता रहा है। अब अमेरिका के इस फैसले का पोलैंड और नाटो दोनों ने स्वागत किया है। पोलैंड का मानना है कि अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और रूस की संभावित आक्रामक गतिविधियों पर दबाव बनेगा।
यूरोपीय देशों में बढ़ी चर्चा
हालांकि अमेरिका के इस फैसले ने यूरोप के कुछ देशों को हैरान भी किया है। स्वीडन समेत कई यूरोपीय नेताओं ने कहा है कि अमेरिकी रणनीति लगातार बदलती नजर आ रही है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका अब अपनी सैन्य तैनाती को नए वैश्विक समीकरणों के अनुसार ढाल रहा है।

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