8वें वेतन आयोग को लेकर हुई अहम बैठक
11 मई 2026 को नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की। बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, डाक और कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
OPS को लेकर उठी मांग
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की, जिनकी भर्ती का विज्ञापन 22 दिसंबर 2003 से पहले जारी हुआ था। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि उनकी भर्ती प्रक्रिया पुराने नियमों के तहत शुरू हुई थी।
प्रमोशन में देरी पर जताई चिंता
कई विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया में देरी को लेकर भी नाराजगी सामने आई। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ विभागों में प्रमोशन में तीन से पांच साल तक की देरी हो रही है। इस पर कैबिनेट सचिव ने संबंधित विभागों को समय पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक कराने के निर्देश देने की बात कही।
मेडिकल सुविधाओं पर भी चर्चा
बैठक में कर्मचारियों और पेंशनर्स के मेडिकल खर्चों को लेकर भी अहम चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने CGHS के तहत मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने की मांग की। हियरिंग एड, डेंटल इम्प्लांट और डेन्चर जैसे खर्चों की पूरी प्रतिपूर्ति की मांग भी उठाई गई। सरकार की ओर से इन मामलों पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है।
पेंशनर्स ने रखीं ये बड़ी मांगें
पेंशनर्स की ओर से हर पांच साल में पेंशन संशोधन करने और फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी गई। इसके अलावा फैमिली पेंशन के दायरे को बढ़ाने और विधवा व आश्रित बहुओं को भी इसमें शामिल करने की मांग की गई।
आउटसोर्सिंग और भर्ती पर भी सवाल
कर्मचारी यूनियनों ने सरकारी विभागों में बढ़ती आउटसोर्सिंग पर चिंता जताई। उनका कहना था कि खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए ताकि युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सके। साथ ही अनुकंपा नियुक्तियों की सीमा बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की मांग भी उठाई गई।
कर्मचारियों को फैसलों का है इंतजार
इस बैठक के बाद अब कर्मचारियों और पेंशनर्स को उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग में उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। यदि इन मांगों पर सकारात्मक फैसला होता है तो इससे लाखों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
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