यूपी सरकार का बड़ा फैसला, युवा उद्यमी योजना में बदले नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के तहत वही युवा ऋण प्राप्त कर सकेंगे जो अपने प्रस्तावित कारोबार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर जमा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से युवाओं को सही दिशा में व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी और योजनाओं का लाभ अधिक गंभीर एवं तैयार युवाओं तक पहुंच सकेगा।

अब तक इस योजना में केवल ऑनलाइन आवेदन और व्यवसाय की सामान्य जानकारी देने पर ऋण स्वीकृत हो जाता था, लेकिन कई मामलों में कारोबार की तैयारी अधूरी रहने के कारण युवाओं को आगे दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है।

विशेषज्ञ करेंगे युवाओं की मदद

सरकार ने सिर्फ नियम सख्त नहीं किए हैं, बल्कि युवाओं की सहायता के लिए विशेषज्ञों को भी योजना से जोड़ा है। अब अलग-अलग उद्योगों के जानकार आवेदन करने वाले युवाओं से बातचीत कर उन्हें कारोबार की योजना समझाने में मदद करेंगे।

विभाग का उद्देश्य है कि युवा बिना पूरी जानकारी के व्यवसाय शुरू न करें। इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर उद्यम से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार युवाओं को कम से कम कुछ समय वेबसाइट पर बिताकर अपने बिजनेस मॉडल को समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

400 से ज्यादा बिजनेस आइडिया उपलब्ध

योजना को और उपयोगी बनाने के लिए सरकार ने युवाओं को 400 प्रकार के ऑनलाइन बिजनेस आइडिया भी उपलब्ध कराए हैं। इन आइडिया के जरिए युवा अपने बजट और रुचि के अनुसार कारोबार चुन सकते हैं। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि युवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में उद्यम स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा जिस क्षेत्र में युवा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उससे जुड़े मशीनरी सप्लायर और तकनीकी विशेषज्ञों से भी उनका संपर्क कराया जा रहा है ताकि शुरुआत में आने वाली दिक्कतें कम हो सकें।

बिना ब्याज और गारंटी के मिलता है ऋण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की शुरुआत युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की थी। योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के दिया जाता है। अगर युवा समय पर ऋण की अदायगी करते हैं तो उन्हें कारोबार बढ़ाने के लिए दोबारा भी ऋण लेने की सुविधा मिल सकती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा इस योजना की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

भौतिक सत्यापन भी शुरू

एमएसएमई विभाग ने अब ऋण लेने वाले युवाओं का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया है। इससे फर्जी आवेदन रोकने और वास्तविक जरूरतमंद युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक 1.69 लाख से अधिक युवाओं को इस योजना के तहत ऋण वितरित किया जा चुका है। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सफल उद्यमियों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी।

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