क्या है EPFO का नया प्लान?
EPFO फिलहाल अपने सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने पर काम कर रहा है। अभी तक एडवांस या आंशिक निकासी के मामलों में कुछ ऑटो-सेटलमेंट सुविधा मिलती है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर फाइनल PF विड्रॉल तक लागू करने की योजना है। इसका मतलब यह होगा कि अगर किसी सदस्य की KYC और जरूरी जानकारी सही और अपडेटेड है, तो PF क्लेम अपने आप प्रोसेस हो जाएगा और पैसे सीधे खाते में पहुंच सकते हैं।
अभी क्यों होती है देरी?
वर्तमान व्यवस्था में PF निकालने के लिए कई स्तर पर जांच करनी पड़ती है। इसमें कर्मचारी की KYC, नौकरी का रिकॉर्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य दस्तावेजों का वेरिफिकेशन शामिल होता है। इसी प्रक्रिया की वजह से कई बार क्लेम निपटने में दिन या हफ्ते लग जाते हैं। लेकिन नए ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम से यह प्रक्रिया काफी तेज और सरल हो सकती है।
कर्मचारियों को क्या फायदा?
इस नई व्यवस्था से नौकरीपेशा लोगों को कई बड़े लाभ मिल सकते हैं: PF का पैसा जल्दी बैंक खाते में ट्रांसफर होगा, कागजी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जरूरत कम होगी, क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना घटेगी, प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान बनेगी, कई मामलों में मैनुअल मंजूरी पर निर्भरता कम होगी।
नौकरी बदलने पर भी राहत
EPFO सिर्फ PF निकालने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि नौकरी बदलने के दौरान PF ट्रांसफर को भी ऑटोमेट करने पर विचार कर रहा है। अभी कर्मचारियों को इसके लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, लेकिन नए सिस्टम में PF बैलेंस UAN से लिंक होकर अपने आप नए खाते में ट्रांसफर हो सकता है।

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