बिहार पुलिस में बड़ी भर्ती, सिपाही से दारोगा तक 37,978 पदों पर बहाली

पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में अब तक का एक बड़ा भर्ती अभियान शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत सिपाही से लेकर दारोगा तक हजारों पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिससे लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा।

आपको बता दें की राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा दिया है। सरकार का उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुपात में पुलिस बल को मजबूत करना और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना है।

कुल 48 हजार से ज्यादा पदों का सृजन

सरकारी जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस में कुल 48,447 नए पद सृजित किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि कुछ पदों पर प्रोन्नति दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया से पुलिस विभाग में नई ऊर्जा आने और कार्य क्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

37,978 पदों पर होगी सीधी भर्ती

इन नए पदों में से 37,978 पदों पर सीधी बहाली की जाएगी। इनमें सबसे अधिक पद सिपाही स्तर के हैं, जो युवाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है। सिपाही और समकक्ष श्रेणी में कुल 27,510 पद शामिल हैं, जिनमें सामान्य सिपाही और चालक सिपाही के पद भी हैं।

दारोगा पदों पर भी बड़ा बदलाव

पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) के कुल 20,937 पद निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने इसमें संतुलित भर्ती नीति अपनाते हुए आधे पद सीधी नियुक्ति और आधे पद प्रोन्नति से भरने का फैसला किया है। इससे विभाग में अनुभव और नए चेहरों दोनों का संतुलन बना रहेगा। सहायक अवर निरीक्षक (ASI) को पदोन्नति के जरिए दारोगा बनने का अवसर मिलेगा।

डायल-112 सेवा होगी और मजबूत

राज्य सरकार आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इसके दूसरे चरण में लगभग 19,288 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। इस सेवा के तहत सिपाही, हवलदार, चालक, एएसआई, एसआई और इंस्पेक्टर स्तर तक के पद शामिल हैं। इसका उद्देश्य त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली को और प्रभावी बनाना है।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

इस भर्ती अभियान को बिहार के युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका माना जा रहा है। लंबे समय से पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को अब बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल पुलिस बल मजबूत होगा, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।

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