केंद्र सरकार ने सोने-चांदी पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, 13 मई से ही लागू

नई दिल्ली। सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इनकी इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी कर दी है। 13 मई से लागू इस फैसले के तहत सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ रहे आयात से देश का व्यापार घाटा तेजी से बढ़ रहा है, जिस पर नियंत्रण जरूरी हो गया था।

क्यों बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी?

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। देश में सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषणों और निवेश के लिए होती है। वहीं चांदी का इस्तेमाल उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। पिछले कुछ समय में सोने और चांदी का आयात तेजी से बढ़ा है। इससे बड़ी मात्रा में डॉलर विदेश जा रहे हैं, जिसका असर देश के व्यापार घाटे पर पड़ रहा है। सरकार का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ाने से विदेशी खरीद महंगी होगी और आयात में कमी आ सकती है। इससे व्यापार घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

व्यापार घाटे ने बढ़ाई सरकार की चिंता

हाल के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में सोने और चांदी के भारी आयात की वजह से भारत का व्यापार घाटा तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। विशेष रूप से चांदी का आयात काफी तेजी से बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात मूल्य के लिहाज से लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं वजन के हिसाब से भी इसमें बड़ा उछाल देखा गया। सरकार को डर है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर देश की आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ सकता है।

यूएई नहीं, अब भी स्विट्जरलैंड सबसे बड़ा सप्लायर

अक्सर यह चर्चा होती रही है कि यूएई के साथ हुए व्यापार समझौते के बाद भारत में सोने का आयात तेजी से बढ़ा है। लेकिन सरकार के मुताबिक स्थिति कुछ अलग है। आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल सोना आयात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी अब भी स्विट्जरलैंड की है। इसके बाद यूएई और दक्षिण अफ्रीका का स्थान आता है। सरकार का कहना है कि यूएई के साथ हुए समझौते के तहत जितना रियायती कोटा तय किया गया था, उसका बहुत छोटा हिस्सा ही इस्तेमाल हुआ है।

सरकार के इस फैसले का खरीदारों के लिए क्या है संकेत?

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना टैक्स समेत करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच चुका है, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रही है।

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