ममता कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। वे गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने, सुरक्षित प्रसव कराने और प्रसव के बाद मां-बच्चे की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रति प्रसव मिलते हैं 600 रुपये
बिहार में ममता कार्यकर्ताओं को फिलहाल हर प्रसव पर 600 रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाते हैं। यह राशि उनके काम को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाती है। राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ममता कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रही हैं।
करीब 25 हजार ममता कार्यकर्ता
बिहार में लगभग 25 हजार ममता कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। इनकी मदद से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है और महिलाओं में सुरक्षित मातृत्व को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है। इस योजना के जरिए बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिला है।
समय के साथ बढ़ी प्रोत्साहन राशि
ममता कार्यकर्ता योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। उस समय प्रति प्रसव 100 रुपये की राशि दी जाती थी। इसके बाद वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक यह राशि बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने 2025 में राशि को बढ़ाकर 600 रुपये प्रति प्रसव कर दिया। इससे ममता कार्यकर्ताओं को आर्थिक रूप से भी सहारा मिला है।

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