मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की प्रगति के साथ प्री-मानसून गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसका प्रभाव विशेष रूप से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में जोरदार बारिश के आसार
केरल में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और अब इसका विस्तार कर्नाटक तथा तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों तक हो रहा है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में मानसूनी बादल सक्रिय बने हुए हैं। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
बिहार में भी बारिश की संभावना
बिहार के कुछ जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई समेत आसपास के क्षेत्रों में बादल गरजने और वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भी बढ़ी सतर्कता
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम को देखते हुए यात्रा करने की अपील की है।

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