क्यों जरूरी था यह फैसला?
पिछले कुछ वर्षों में बाजार में विभिन्न कंपनियों द्वारा अलग-अलग आकार के पैक पेश किए जाने लगे थे। इससे ग्राहकों के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता था कि कौन-सा उत्पाद वास्तव में सस्ता है और किसमें उन्हें अधिक मात्रा मिल रही है। कई बार पैकेजिंग के कारण कीमतों की सही तुलना करना भी आसान नहीं होता था।
कौन-कौन से पैक आकार होंगे मान्य?
नए नियमों के तहत प्रमुख खाद्य तेलों के लिए कुछ निश्चित पैक आकार निर्धारित किए गए हैं। इनमें 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1 लीटर/किलोग्राम, 2 लीटर/किलोग्राम, 3 लीटर/किलोग्राम, 4 लीटर/किलोग्राम, 5 लीटर/किलोग्राम, 15 लीटर/किलोग्राम और 20 लीटर/किलोग्राम के पैक शामिल हैं। ये नियम सरसों तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, पाम ऑयल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान ऑयल और अन्य प्रमुख खाद्य तेलों पर लागू होंगे।
उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा?
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि ग्राहक अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों की कीमत और मात्रा की सीधी तुलना कर सकेंगे। इससे खरीदारी में भ्रम कम होगा और ग्राहकों को अपने पैसे की सही कीमत समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पैक पर केवल लीटर या मिलीलीटर ही नहीं बल्कि उसके बराबर वजन की जानकारी भी स्पष्ट रूप से देना अनिवार्य होगा। इससे उत्पाद की वास्तविक मात्रा को समझना और आसान हो जाएगा।
छोटे पैक खरीदने वालों को मिलेगी राहत
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कम आय वाले या सीमित बजट वाले उपभोक्ताओं की सुविधा प्रभावित न हो। इसलिए 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से छोटे पैक इस व्यवस्था से बाहर रखे गए हैं। इससे छोटे और सस्ते पैक बाजार में पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे।

0 comments:
Post a Comment