विजयपुरम-3 वेल में मिली गैस
ऑयल इंडिया ने जानकारी दी है कि उसे अपने तीसरे एक्सप्लोरेटरी वेल ‘विजयपुरम-3’ में प्राकृतिक गैस के संकेत मिले हैं। यह कुआं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर, 355 मीटर गहरे समुद्र में खोदा गया था। यह ब्लॉक ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत AN-OSHP-2018/1 क्षेत्र में आता है, जहां कंपनी पहले से ही एक्सप्लोरेशन कार्य कर रही थी।
शुरुआती टेस्टिंग में गैस की पुष्टि
कंपनी के अनुसार, 1900 मीटर से अधिक गहराई पर स्थित इओसीन फॉर्मेशन में की गई शुरुआती टेस्टिंग के दौरान प्राकृतिक गैस की लगातार मौजूदगी सामने आई। इस दौरान गैस का फ्लेयरिंग भी देखा गया, जिससे इसके उत्पादन योग्य होने के संकेत मिले हैं। ऑयल इंडिया अब गैस के कंपोजिशन, गुणवत्ता और ऊर्जा क्षमता का विस्तृत विश्लेषण कर रही है।
लगातार दूसरी बड़ी खोज
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में सफलता मिली हो। इससे पहले सितंबर 2025 में भी विजयपुरम-2 वेल में गैस के संकेत मिले थे। लगातार दो सफलताओं ने इस ब्लॉक को भविष्य के लिए बेहद संभावनाशील बना दिया है। कंपनी ने बताया कि वह इस क्षेत्र में पहले ही अप्रेजल प्रोग्राम शुरू कर चुकी है, ताकि संसाधनों की वास्तविक मात्रा और व्यावसायिक उपयोगिता का आकलन किया जा सके।
तकनीक बढ़ रहा एक्सप्लोरेशन
ऑयल इंडिया ने इस क्षेत्र में 2D सिस्मिक डेटा की रीप्रोसेसिंग और लगभग 600 वर्ग किलोमीटर के 3D सिस्मिक डेटा का अध्ययन पूरा कर लिया है। इससे जमीन के नीचे मौजूद संरचना को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल रही है। इसके बाद अब आगे के चरण में नए अप्रेजल वेल खोदने की योजना बनाई जा रही है, जिससे गैस भंडार की सटीक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सरकार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज को देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह खोज भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे भविष्य की एक्सप्लोरेशन रणनीतियों को मजबूती मिलेगी।

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